Digital Rupee क्या है और कैसे काम करता है सभी जानकारी जाने

नमस्कार दोस्तों।जैसे की आपको पता होगा की अभी ऑनलाइन digital rupee सबसे ज्यादा ट्रेंड पर है। और सब लोग डिजिटल रूपी के बारे में चर्चा कर रहे है। लेकिन अगर आपको नहीं पता की digital rupee kya hai तो हमारे आज के इस लेख को अंत तक पढ़ते रहे।

आज हम आपको बताएँगे की डिजिटल रूपी क्या है। डिजिटल रूपी के फायदे क्या क्या है। और डिजिटल रूपी को इंडिया में कब लांच किया जायेगा।

digital Rupee kya hai

1 february 2022 को हमारे इंडिया के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट सेशन (Financial year 2023-2024) के अंदर हमारे देश में डिजिटल रूपी को लांच करने की बात कही है। और डिजिटल रूपी के साथ साथ जो लोग क्रिप्टो करेंसी जैसे बिटकॉइन, एथेरियम और जितने भी altcoin है अगर कोई भी उनके अंदर इन्वेस्ट करते है तो उनको अपने प्रॉफिट का 30% टैक्स भी पे करना होगा।

कल लोगसभा के अंदर विथ मंत्री के द्वारा बताया गया की हमारे इंडिया में डिजिटल रूपी को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया जल्द से जल्द लांच करने वाली है। और डिजिटल रूपी का लेनदेन रिज़र्व बैंक और गवर्नमेंट के देख रेख में होगी।डिजिटल रूपी को ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के द्वारा बनाये जाने की बात कही गयी है।फिजिकल मुद्रा और डिजिटल रूपी का वैल्यू एक सामान होगी।

आप फिजिकल मुद्रा को अपने हाथो से छू सकते है। लेकिन आप डिजिटल मुद्रा को अपने हाथों में छू नहीं सकते। डिजिटल रूपी को आप किसी वॉलेट के अंदर स्टोर कर सकते है। और उसको आप किसी के साथ भी ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते है।

जैसे अगर आपके बैंक खाते में अगर पैसा होता था तभी जाकर आप डिजिटल पेमेंट कर सकते थे। लेकिन डिजिटल रूपी यानी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी पूरा पूरी डिजिटल ही होगा।आइये अब जानते है की central bank digital currency और डिजिटल रूपी क्या है।

CBDC(Central Bank digital Currency)क्या है?

CBDC यानि की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी या फिर डिजिटल रूपी को हमारे इंडिया में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के द्वारा लांच किया जायेगा। और डिजिटल रूपी को सरकार से अनुमति प्राप्त है।

यह सरकारी संस्था के देख रेख में इसको रेगुलेट किया जाएगा।सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी फिजिकल करेंसी का एक दूसरा रूप है।

CBDC और क्रिप्टोकोर्रेंसी में डिफरेंस क्या है?

आइये अब जानते है की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी या फिर डिजिटल रूपी और क्रिप्टोकोर्रेंसी में क्या अंतर है।

तो सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया लांच करेगी और यह गवर्नमेंट के देखरेख में हो पायेगी। और डिजिटल रूपी का वैल्यू हमारे फिजिकल मुद्रा के समान होगा। इसका कीमत ज्यादा फ़्लेक्टुअट नहीं होगा। और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी की बैलेंस शीट को केंद्रीय बैंक द्वारा मैनेज किया जाएगा।किसी भी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी को लांच करने के लिए देश के केंद्रीय बैंक का योगदान होता है। और डिजिटल रूपी लांच होने के बाद उसको Sovereign करेंसी में बदला जा सकता है।

लेकिन अगर वही पे क्रिप्टोकररेन्सी की बात करे तो क्रिप्टोकोर्रेंसी को एक डिजिटल एसेट के रूप में देखा जा सकता है। और लोग इसके अंदर अपना पैसा इन्वेस्ट करते है। क्रिप्टोकोर्रेंसी में सप्लाई और डिमांड के अनुसार प्राइस में काफी ज्यादा फ्लैटुएशन देखने को मिलता है। जिसके क्रिप्टोकोर्रेंसी के अंदर जो भी ट्रेड करते है उनको काफी ज्यादा प्रॉफिट और लॉस का सामना करना पड़ता है।

क्रिप्टोकोर्रेंसी ब्लॉकचैन पे बनी हुई होती है।और जिसके कारण यह एक decentralised करेंसी होता है। और केंद्रीय बैंक का इसके अंदर कोई योगदान नहीं रहता। और क्रिप्टोकोर्रेंसी के अंदर होने वाले ट्रेड या फिर ट्रांसेक्शन को ट्रैक नहीं किया जा सकता है।

लेकिन अगर डिजिटल रूपी की बात करे तो डिजिटल रूपी यानी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है।

Digital करेंसी कितने प्रकार के होते है?

आमतौर पर डिजिटल करेंसी दो प्रकार के होते है। पहले है रिटेल डिजिटल करेंसी और दूसरा वाला है होलसेल डिजिटल करेंसी।

रिटेल डिजिटल करेंसी के अंदर कोई भी आम जनता और छोटी और बड़ी कंपनी इस रिटेल डिजिटल करेंसी का उपयोग कर सकती है।

लेकिन वहीं अगर देखा जाए तो होलसेल डिजिटल करेंसी को सिर्फ और सिर्फ वित्तीय संस्थाओं के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

Digital Rupee के फायदे

– डिजिटल रूप से ऑनलाइन लेनदेन करने के लिए लोगो को काफी ज्यादा आसानी होगी। और इससे पेमेंट कही बीच में फसने के चांस भी नहीं है। अगर आप डिजिटल पेमेंट करते है तो आपको पता होगा की कभी कभी डिजिटल ट्रांजेक्शन करते करते पेमेंट 24 हॉर्स के लिए पेंडिंग में चली जाती है। लेकिन डिजिटल रूपी ट्रांसफर करने के साथ साथ चला जायेगा।

– डिजिटल रूपी फिजिकल मुद्रा के मुकाबले काफी कम खर्चीली होगी।

– डिजिटल रूपी को आसानी से ट्रेस किया जाएगा। और डिजिटल रूपी का हर एक ट्रांजेक्शन सरकार के पास उपलब्ध होगा।

– डिजिटल रूपी के जरिये हमारे देश के अंदर भ्रष्टाचार काफी हद तक कम हो जायेगा।

Conclusion:

आशा करता हूँ की इस लेख के जरिये आपको डिजिटल रूपी के बारे में काफी कुछ जानने को मिला। और आपको हमारा यह लेख digital rupee kya hai के बारे में जानकारी कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं। और इस लेख को अपने सभी सोशल मीडिया ग्रुप और पेज पर जरूर साझा करें।धन्यवाद।

FAQs:

भारत में डिजिटल रुपया कब आएगा?

भारत में डिजिटल रूपी साल 2023 और 2024के बीच लांच किया जायेगा।

डिजिटल रूपी को किसके द्वारा लांच किया जायेगा?

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के द्वारा भारत में डिजिटल रूपी को लांच किया जायेगा।

CBDC का फुल फॉर्म क्या है?

CBDC का फुल फॉर्म है Central Bank Digital Currency.

techmyguide

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